Sunday, July 8

घायल

शब्द है ज़ेहैन मे तब जुब़ा पर क्यों नहीं आते 

देखताहू अपनी तरफ 

देखताहू अपनी तरफ , की 

किसी महबूबा की यादोंमे मेरे होठ घायल तोह नहीं 

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